EXPOSE : ऐसे अध्यापकों के भरोसे है छात्रों का भविष्य, नशेड़ी शिक्षक ने कक्षा में ही कर दी पेशाब, क्या ऐसे सुधरेगी व्यवस्था?

महासमुंद । संपूर्ण देश में शिक्षक को भगवान से भी ऊपर का दर्जा दिया गया है। भारत में एक स्लोगन काफी प्रचलित है वो है, ‘पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया’ लेकिन विडंबना है कि ये स्लोगन मात्र एक वाक्य बनकर ही रह गया है। बात छत्तीसगढ़ प्रदेश की करते हैं। यहां आलम ये है कि जिनके जिम्मे में प्रदेश की शिक्षा का भविष्य है, वही अपने दायित्व का निर्वहन करने में गंभीर नहीं है। प्रदेश में सरकारी स्कूलों का हाल बेहाल है और प्राइवेट स्कूल मात्र पैसा कमाने का जरिया बन गया है।

छत्तीसगढ़ में समय-समय पर शिक्षाकर्मियों से जुड़ी कई खबरें आती है। ये कड़ी प्रदेश के निर्माण के बाद से ही चलती आ रही है और इसी कड़ी को आगे बढ़ते हुए अब एक मामला महासमुंद से आ पहुंचा है। जिले के ग्राम अमोरा का शासकीय प्राथमिक शाला जहां पदस्थ हैं जन्मजय ध्रुव। वैसे तो शिक्षक हैं पर शराब की इन्हें इतनी लत है कि ये नशे में ही स्कूल चले आते हैं।

शिक्षक की ये हरकत काफी पुरानी है। वो तो खुलासा आज हो रहा है। उनकी इस हरकत से परेशान होकर ग्रामीण स्कूल में तालाबंदी भी कर चुके हैं। मामला तूल पकड़ने के बाद सहायक शिक्षा अधिकारी ने भी कार्यवाही करने की बात कही थी, लेकिन आश्वासन तो बस कहने की ही बात है। जन्मजय ध्रुव आज भी नशे में बिंदास स्कूल आ रहे हैं।

अब जो हरकत शिक्षक ने की है ऐसा पूरी दुनिया में शायद ही किसी अध्यापक ने किया हो। शिक्षक नशे के इतने प्रेमी हैं कि उन्हें ये तक मालूम नहीं चलता कि उन्हें क्या महसूस हो रहा है। शिक्षक ने कक्षा में अपने पेंट पर ही पेशाब कर डाली और वैसे ही जमीन पर पड़े रहे। अब ऐसे अध्यापकों के सहारे सरकार अगर प्रदेश में शिक्षा का स्तर सुधारने की चाह रखती है तो ये तो नामुमकीन है। खैर, इस हरकत के बाद शिक्षक पर कार्रवाई की गई है। जिला कलेक्टर ने उन्हें निलंबित कर दिया है।