नान घोटाला : शिव शंकर भट्ट के आरोपों के बाद अपने बचाव में उतरे रमन सिंह, कहा – उलजुलूल बात करने से सच्चाई दब नहीं सकती

रायपुर । शिव शंकर भट्ट के बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह अपने बचाव में उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि भीमा मंडावी की हत्या की न्यायिक जांच रिपोर्ट जानबूझकर पहले सामने लाई गई। हम जिस दिन ओजस्वी मंडावी ता नामांकन भरने जा रहे थे उस दिन ये रिपोर्ट आई थी। राजनीतिक दृष्टि से इस रिपोर्ट का उपयोग किया गया।

रमन सिंह ने कहा कि दूसरी घटना अंतागढ़ पकड़ में राजनीतिक षड्यंत्र करके मंतूराम से शपथ पत्र दिलवाया गया, जो कि हाईकोर्ट में उसके बयान के बिल्कुल विपरीत था। रमन सिंह ने इस पूरे मामले को राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है। उन्होंने कहा जो शख्स 4 साल जेल में रह चुका है, जो आदतन आरोपी है, जिसकी जमानत हाई कोर्ट के द्वारा भी रद्द की गई थी उस शख्स ने शपथ पत्र के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है। इसको मैं प्रयास इसलिए कहूंगा क्योंकि यह एक राजनीतिक षड्यंत्र है।

रमन सिंह ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार मुजरिमों को संरक्षण देने वाली सरकार है। भारतीय जनता पार्टी का बिल्कुल स्पष्ट मत है, पैसे का लेन देख सीधे चेक के माध्यम से होता है। हर साल ऑडिट होता है। सीएम हाउस में जो भी आता है उसका रिकॉर्ड मेंटेन होता है। कोई पैसे का लेन देन नहीं होता। इतने साल बाद भट्ट को आज याद आ रहा है। 21 लाख फर्जी राशन कार्ड के विषय पर रमन सिंह ने कहा कि राशन कार्ड पंचायत स्तर पर बने हैं। उलजुलूल बात करने से सच्चाई नहीं दब सकती। सत्तारूढ़ पार्टी के दबाव में तमाम चीजें हो रही है।