महिला पुलिस रंगारंग प्रस्तुति, शसक्त महिला शसक्त भारत का दिया नारा, महिला दिवस पर राजनांदगांव में किया कार्यक्रम आयोजन

संवाददाता शशिकांत सनसनी की रिपोर्ट

महिला दिवस के अवसर पर पुलिस प्रशासन ने अलग – अलग क्षेत्र मे अपना लोहा मनाने वाले महिलाओं का किया सम्मान, जिले के अलावा अन्य जिले के महिला पुलिस ने नृत्य कर महिला सशक्तिकरण का दिया संदेश, कार्यक्रम मे शसक्त महिला शसक्त भारत का दिया नारा। इस बार राजनांदगांव महिला पुलिस ने महिला दिवस को खास बनाने के लिए बाईक रैली एवं मंची कार्यक्रम कर सामाजिक संस्था, सरकारी विभाग के उच्च पद, खेल, कला ,नृत्य, गायन क्षेत्र में सफल महिलाओ को सम्मानित किया | आपको बता दे कि राजनांदगांव की महिला पीयूष चावला आज 25 हजार महिलाओं को आत्मनिर्भर बना कर सभी महिलाओं के आर्थिक को मजबूत करने का काम की है| वही सुखबती पिछले कई वर्षा से अन्नपूर्णा कैटर्स का काम रही है और वह अपने साथ 30 महिलाओं को रोजगार देने का काम कर रही है |वही महिलाओं को शसक्ति और आत्मनिर्भर बनाने की पहल पर नीरा आज ई रिक्शा गाडी चलाकर अपने घर के आर्थिक मजबूत और बच्चो के भविष्य को बेहतर बनाने के ओर अग्रसर काम कर रही है साथ ही दुर्ग जिले के डिम्पल गौर अनुमूर्ति फाउंडेसन के संचालक ने जब महिला को महिना के समय संकोच और शर्म से अपने घर या बाहर निकलने मे खबराहट महसूस करते और सेनेटरी नैपकिन खरीदने के लिए रूपये नही रहते तब डिम्पल ने पिछले वर्षो से अभी तक 50 हजार से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते महिलाओं को निशुल्क सेनेटरी नैपकिन दिया है। वही शहर की बच्ची कोमल गुत्ता वेटलिंटीग मे 10 बार जीत कर पुरस्कार ली है वही इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुर्ग आईजी रतनलाल डागी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा की शसक्त भारत शसक्त महिला के नारे के बाद कहा की पहले रूढी वादि के जमाने पर पति खत्म होने के बाद महिलाओं को सफेद साडी पहनाना, एक कमरे मे बंद कर रूखी सुखी रोटी देना साथ पति के साथ जिंदा जलाकर ठोल, नगाडा बजाते ऐसे सत्ती प्रथा, बाल विवाह पर रोक लगाने वाले राजा मोहन राय व विदेशी विलय पटेम को याद कर देश के महिलाओं के आत्मनिर्भर बनाने का काम करने वाली सवीत्री बाई फूलो को याद किया। वही महिला सम्मान कार्यक्रम मे दुर्ग – भिलाई के 30 वर्ष से अधिक ऊपर वाली महिला पुलिस महिलाओं के आत्मनिर्भर बनाने और बेटी पढहो बेटी बचाओ के संदेश के साथ नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम मे आये सभी महिलाओं का मन मोह ली वही इस महिला सम्मान कार्यक्रम मे इन अलग अलग क्षेत्र में महिलाओं के उत्थान और महिलाओं को आत्मनिर्भर कर शसक्त महिला शसक्त भारत की पहचान देने वाले महिलाओं का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया |