अवैध काम करने वाले सोनोग्राफी सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कारवाई…

तिल्दा । अवैध रुप से संचालित सोनोग्राफी सेंटर्स का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने औचक निरिक्षण किया। पीसीपीएनडीटी एक्ट के परिपालन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने ज़िले में संचालित सोनोग्राफी सेंटरों का टीम के साथ आकस्मिक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के बाद पाया गया की पीसीपीएनडीटी एक्ट गर्भाधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम का पालन नही किया जा रहा है।
गर्भाधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (PCPNDT) अधिनियम, 1994 भारत में कन्या भ्रूण हत्या और गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिए भारत की संसद द्वारा पारित एक संघीय कानून है।

इस अधिनियम से प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक ‘पीएनडीटी’ एक्ट 1996, के तहत जन्म से पूर्व शिशु के लिंग की जांच पर पाबंदी है। ऐसे में अल्ट्रासाउंड या अल्ट्रासोनोग्राफी कराने वाले जोड़े या करने वाले डाक्टर, लैब कर्मी को तीन से पांच साल सजा और 10 से 50 हजार जुर्माने की सजा का प्रावधान है।