उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में अंधाधुन्द हो रही जंगल की कटाई, मामले की शिकायत होने पर एक अफसर सहित तीन वनकर्मियों की हुई छुट्टी

संवाददाता प्रतीक मिश्रा की रिपोर्ट

गरियाबंद : उदंती-सीतानदी में बड़े पैमाने पर ओडिशा के ग्रामीणों द्वारा कब्जा करने के मामले में अधिकारियों की लापरवाही बरतने की बात सामने आई है। पता चला है की टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रायपुर में रहते हैं और कभी-कभार ही वहां जाना करते हैं। पूर्व में वहां डिप्टी डायरेक्टर के पद पर एसडीओ रैंक के अधिकारी को बैठाकर रखा जाता था। इससे पूरा वन अमला बेकाबू होकर कार्य करने लगा और कोई भी जंगल नहीं जाता था।

मिल रही जानकारी के मुताबिक ओडिशा के ग्रामीणों द्वारा बड़े पैमाने पर जंगल की कटाई कर बस्ती बसाने के मामले में पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ ने शुक्रवार को एक रेंज अफसर सहित तीन वनकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

वनकर्मियों को निलंबित करने की असल वजह पेड़ों की कटाई होने की जानकारी मिलने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ किसी तरह से कोई कार्रवाई नहीं करना तथा इस बात की जानकारी वन मुख्यालय को नहीं देना बताया जा रहा है। जंगल कटाई मामले में पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ अतुल शुक्ला ने इंदागांव बफर जोन के रेंज अफसर नीलकंठ गंगवेर, पीपल खूंटा बीट गार्ड सत्यनारायण प्रधान तथा पीपल खूंटा रेंज असिस्टेंट चंद्रशेखर ध्रुव को निलंबित किया है।

इस मामले की वनमंत्री मोहम्मद अकबर द्वारा संज्ञान लेने के बाद विभागीय अफसरों में हड़कंप मच गया और टाइगर रिजर्व में अवैध कटाई मामले में वनबल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने एक उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर मामले की जांच के आदेश दिए।