नान घोटाला : पूर्व CM रमन सिंह की मुश्किलें बढ़ी, शिवशंकर भट्ट ने शपथ पत्र में लगाए कई गंभीर आरोप, खाद्य मंत्री समेत अफसर भी फंसे

रायपुर । नान घोटाला मामले में पू्र्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की मुश्किले बढ़ गई हैं। नान के पूर्व महाप्रबंधक शिवशंकर भट्ट ने मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत कलमबंद बयान दिया है। भट्ट ने शपथ पत्र देकर रमन सिंह के साथ-साथ पूर्व खाद्य मंत्री समेत कई अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिव शंकर भट्ट ने शपथ पत्र में लिखा है कि 2014 में नान के पास 9 लाख मिट्रिक टन धान था बावजूद इसके तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने विभागीय अधिकारियों पर दबाव देकर दस लाख मिट्रिक टन चावल का अतिरिक्त उपार्जन का आदेश दिया।डॉ रमन सिंह ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के हैसियत से 236 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति गारंटी जारी कर दी, जो कि विधि विरुद्ध है ।

उन्होंने कहा है कि रमन सिंह ने 2013 में नवंबर दिसंबर में विधानसभा चुनाव के दौरान कहा था कि चुनावी खर्च निकालना है। आप लोग किसी भा तरह का दिमाग लगाने का प्रयास न करें। साथ ही 2015 में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए भी फंड इकट्ठा करने का भी कार्य करने की जिम्मेदारी मैंने स्वयं उठाई है। इस बात का विरोध करने का साहस किसी भी अधिकारी में नहीं था। मैं भी इसका विरोध नहीं कर पाया।

शपथ पत्र में उन्होंने यह भी कहा है कि 21 लाख फर्जी राशन कार्ड बनाए गए। और विधानसभा में घोषणा के बावजूद कार्ड जारी रखे गए, इससे तीन हजार करोड़ सालाना की चपत लगी। शपथ में लिखा गया है कि, दस हजार करोड़ की सब्सिडी जारी कर दी गई जिसका ऑडिट ही नही हुआ। इस काम के लिए मुख्यमंत्री रमन सिंह, पुन्नुलाल मोहले व लीलाराम भोजवानी ने कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों को डराया व धमकाया। बाद में पुन्नुलाल मोहले ने विधानसभा सत्र के दौरान 2014-15 में स्वीकार किया कि 12 लाख राशन कार्ड फर्जी है।