अद्भुत : डोंगरगढ़ की 150 फीट गहरी खाई से कूदने के बाद भी है जिंदा, मां बम्लेश्वरी की कृपा से बची व्यक्ति की जान

संवाददाता – रामाराव की रिपोर्ट

डोंगरगढ़ । कहते हैं जिन पर भगवान की कृपा हो उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। ये सिद्ध कर दिया है डोंगरगढ़ में बुधवार को हुए एक हादसे ने। यहां दशहरे पर परिवार के संग मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने डोंगरगढ़ पहुंचे एक शादीशुदा व्यक्ति ने पहाड़ी से छलांग लगा दी। 150 फीट गहरे खाई में कूदने के बाद भी उसकी जान बच गई। हालांकि पैर और कमर में चोट जरूर आई है, लेकिन इतनी ऊंचाई से कूदने के बाद भी जान बच जाना आश्चर्य में डालने वाली बात है। लोग इसे मां बम्लेश्वरी की कृपा का नाम दे रहे हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, 40 वर्षीय महेश साहू मुंगेली जिले के हिर्री थाना इलाके के ग्राम खैरा के रहने वाले हैं। नवरात्रि में 9 दिन के उपवास के बाद दशहरे पर अपनी पत्नी और बेटी के साथ डोंगरगढ़ मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने पहुंचे थे। महेश साहू पारिवारिक कलह से परेशान थे जो उसे रह रह कर सता रही थी। इन परेशानियों से वह खुद को काबू में नहीं रख सके और मंदिर के पीछे लगे टॉवर के पास खड़े होकर खाई में छलांग लगा दी। गनीमत रही की आत्महत्या के प्रयास के बावजूद वह सलामत है। 150 फिट गहरे खाई में कई विशालकाय चट्टाने हैं जहां किसी के गिरने पर बच पाना संभव नहीं है। यही वजह है कि लोग इसे मां बम्लेश्वरी की कृपा बता रहे हैं।

इसमें पुलिस ने भी महत्वपूर्ण भुमिका निभाई। महेश द्वारा आत्महत्या करने की सूचना के बाद वह तत्काल उस स्थान पर पहुंची जहां वह गिरा हुआ था। महेश पैर और कमर में चोट के कारण दर्द से कराह रहा था। वह चल पाने की हालत में नहीं था जिसे पुलिस ने अपनी पीठ पर लादकर उसे एंबुलेंस तक लाया। इसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया। प्रारंभिक इलाज के बाद महेश को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। आत्महत्या के प्रयास के कारणों की पुष्टी करते हुए महेश ने यह खुद कहा है कि वह पारिवारिक कारणों से परेशान हैं। इसलिए यह कदम उठाया।