नदी पर बने पुल टूटने से मुख्य मार्ग से टूटा इन ग्रामीणों का संपर्क, भ्रष्टाचार बनी परेशानी की वजह

संवाददाता – सूरज गुप्ता की रिपोर्ट

बलरामपुर । जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर बसा डोंगीदह गांव के लोग परेशानी में हैं। दरअसल मुख्य मार्ग से जोड़ने मारंग पर पड़ने वाली नदी पर बनाई गई पुल 2016 में बारिश में बह गई थी जिसकी मरम्मत आज तक नहीं हो सकी थी। जिससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में दिक्कत झेलनी पड़ रही है। जो लोगों के लिए परेशनी का सबब बनी हुई है।

पुल का निर्माण सन् 2010 में मनरेगा के तहत कराया गया था जिसमें लगभर 6 लाख रुपए की लागत आयी थी। पुल की जर्जर हालत को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसके निर्माण में भ्रष्टाचार किस कदर हावी रहा होगा। यहां रहने वाले ग्रामीणों व स्कूली बच्चों को हर रोज इसी टूटे पुल से होकर गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों की माने तो कई बार इसकी शिकायत की गई, लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। बरसात के दिनों में लोगों को मुख्य मार्ग तक चलने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ता है।

मामले की जानकारी होने के बाद जिला कलेक्टर संजीव कुमार झा ने कहा कि मैं वहां अधिकारियों को भेजता हूं जो जांच कर मुझे इसकी रिपोर्ट पेश करेंगे। इसके बाद ही जो संभव हो रहवासियों को होने वाली मुसीबतों से बचाया जा सके उस ओर पहल करेंगे। उन्होंने कहा कि जब इस पुलिया का निर्माण हुआ था तब बहुत कम लागत आई थी, लेकिन अब इसकी राशि बढ़कर ढाई गुनी से ज्यादा हो गई है। पुल का क्षेत्र बढ़ा है, लेकिन अब इस पुलिया को बनाने में एक बड़ी राशि का उपयोग होगा। जिसे प्रस्ताव में लाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जब तक यह पूर्ण नहीं हो जाता तब तक के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।