नक्सल पीड़ित महिला प्रशासन से लगातार लगा रही मदद की गुहार, यात्री बस में नक्सलियों ने लगाई थी आग, जिंदा जल गया था पीड़िता का पति

संवाददाता नीरज गुप्ता की रिपोर्ट|

दंतेवाड़ा | नक्सलियों ने भांसी थाना के नजदीक मुख्य सड़क पर 1 ट्रक और 2 यात्री बस को आग लगा दी थी। यह घटना बीते वर्ष 8 अगस्त की है| इस हिंसक घटना में 1 व्यक्ति बस के अन्दर जिंदा जल गया था| मृतक व्यक्ति के DNA टेस्ट से शव की शिनाख्त सतीश यादव जगदलपुर के रूप में हुई| घटना के बाद से ही मृतक की पत्नी प्रियंका यादव अपने 3 वर्षीय मासूम बच्चे के साथ मदद की उम्मीद लगाये प्रशासन के पास पहुँच रही है। लेकिन अब तक प्रशासन से किसी भी प्रकार की मदद नही मिली है| इतना ही नही जब मदद मांगने पीड़ित महिला दन्तेवाड़ा कलेक्टर के पास पहुँची तो उसे वहाँ से भी मायूसी हाथ लगी। दरअसल नक्सली आगजनी में पहली बार नक्सलियो की क्रूरता इस तरह दिखी की यात्री बस में यात्री ही जिंदा जल गया। दूसरी तरफ पीड़ित महिला अपने मायके गीदम में है। घर पर कोई कमाने वाला भी नही है। जबकि शासन द्वारा नक्सल हिंसा पीड़ित को तत्काल 5 लाख रुपये, नौकरी, आवास और शिक्षा की व्यवस्था शासन कर पीड़ितों की मदद करती है। प्रकरण बन गया है। जल्द ही 5 लाख रुपये पीड़ित परिजन को मिल जायेंगे। साथ ही जो सरकार की गाइड लाइन होगी उस मदद को दिया जायेगा। लेकिन महिला को अब तक कोई मदद नही मिली, कलेक्टर के पास भी गयी थी| पीड़ित महिला खुद के लिए नौकरी की मांग कर रही है|